Durga Aarti
दुर्गा आरती
Deity: Goddess Durga (माँ दुर्गा) • Updated 24 April 2026
Jai Ambe Gauri aarti is dedicated to Goddess Durga. It is recited during Navratri, Durga Puja, and regular worship of the Divine Mother.
दुर्गा आरती — पूरा पाठ
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ ॐ जय...
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्ज्वल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥ ॐ जय...
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजे॥ ॐ जय...
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।
सुर नर मुनिजन सेवत, तिनके दुखहारी॥ ॐ जय...
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योती॥ ॐ जय...
शुम्भ निशुम्भ विदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥ ॐ जय...
चण्ड मुण्ड संहारे, शोणित बीज हारे।
मधु कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन कीन्हे॥ ॐ जय...
ब्रह्माणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥ ॐ जय...
चौसठ योगिनि मंगल गावत, नृत्य करत भैरों।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरू॥ ॐ जय...
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भर्ता।
भक्तन की दुख हर्ता, सुख सम्पत्ति कर्ता॥ ॐ जय...
Durga Aarti — English Transliteration
Jai Ambe Gauri, Maiya Jai Shyama Gauri
Tumko Nishdin Dhyavat Hari Brahma Shivri
Mang Sindoor Virajat Tiko Mrigmad Ko
Ujjwal Se Dou Naina Chandravan Niko
Kanak Saman Kalevar Raktambar Raje
Raktpushp Gal Mala Kanthan Par Saje