🪙 सोना खरीदने के लिए कौन सा दिन शुभ है?
Shubh Muhurat for Buying Gold • वास्तविक ग्रह-स्थितियों से गणना
सोना पुष्य नक्षत्र में खरीदें — इसके लिए सबसे प्रसिद्ध नक्षत्र — या रोहिणी, उत्तरा-त्रय, रेवती में; रविवार और गुरुवार स्वर्ण के अपने वार हैं। अक्षय तृतीया और धनतेरस वर्ष के दो अबूझ स्वर्ण-दिन हैं। शनिवार और अपना चंद्राष्टम टालें।
आगामी शुभ तिथियाँ (अगले 60 दिन)
सामान्य पंचांग के अनुसार — आपकी व्यक्तिगत परत से पहले। नीचे राशि चुनें, ताकि जो दिन विशेषतः आपके लिए अनुकूल नहीं हैं वे हट जाएँ।
| तारीख | तिथि | नक्षत्र | तिथि समाप्ति |
|---|---|---|---|
| शनि, 25 जुल॰ | Shukla Ekadashi | Jyeshtha | 11:36 |
| सोम, 27 जुल॰ | Shukla Trayodashi | Mula | 16:16 |
| शनि, 8 अग॰ | Krishna Dashami | Rohini | 14:00 |
| शुक्र, 14 अग॰ | Shukla Dwitiya | Purva Phalguni | 18:48 |
| शनि, 15 अग॰ | Shukla Tritiya | Uttara Phalguni | 17:30 |
| सोम, 17 अग॰ | Shukla Panchami | Chitra | 17:01 |
| सोम, 21 सित॰ | Shukla Dashami | Uttara Ashadha | 20:02 |
| मंगल, 22 सित॰ | Shukla Ekadashi | Uttara Ashadha | 21:45 |
🎯 इस कार्य के लिए आपकी व्यक्तिगत तिथियाँ
अपनी राशि (चंद्र राशि) चुनें — हम आपके चंद्राष्टम के दिन हटाकर शेष को क्रम देते हैं। राशि नहीं पता? अपनी राशि और नक्षत्र जानें →
यह मुहूर्त कैसे निकाला जाता है
स्वर्ण सूर्य की धातु है जिस पर गुरु का आशीर्वाद है — यही इसका कैलेंडर तय करता है: वारों में रविवार-गुरुवार आगे, और गुरु-पुष्य योग (गुरुवार को पुष्य) वर्ष में गिनती के दिन आने वाली सर्वश्रेष्ठ खरीद-खिड़की है — ज्वेलर्स के विज्ञापन इसे यूँ ही नहीं ढूँढते। नीचे का कैलेंडर अगले 90 दिनों के हर पुष्य को चिह्नित करता है।
दो पर्व-दिन पूरे पंचांग से ऊपर हैं: अक्षय तृतीया (वैशाख शुक्ल तृतीया) और धनतेरस — इन पर कोई मुहूर्त-जाँच परंपरागत रूप से आवश्यक नहीं; "अक्षय" का अर्थ ही है — न घटने वाला। बड़ी खरीद में व्यक्तिगत परत फिर भी काम की है: आपका चंद्राष्टम ठीक उसी समय मूल्यांकन-बुद्धि धुँधलाता है जब मेकिंग-चार्ज का मोल-भाव उसे माँगता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गुरु-पुष्य योग क्या है?
गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र। पुष्य "पोषक" है जो खरीदा हुआ थामे रखता है, और गुरु का वार उसे बढ़ाता है — वर्ष के ये गिनती के दिन स्वर्ण-खरीद के सर्वोत्तम माने जाते हैं। हमारा कैलेंडर हर एक को चिह्नित करता है।
क्या शनिवार को सोना सच में नहीं खरीदते?
आभूषण-स्वर्ण के लिए परंपरा यही कहती है — शनि का वार लोहे को भाता है, सूर्य की धातु को नहीं। कुछ परंपराएँ शनिवार को चाँदी की छूट देती हैं। खरीद टल न सके तो कम से कम राहु काल और अपना चंद्राष्टम बचा लें।
Money & Purchases में और मुहूर्त
वर्ष की स्थिर सूचियाँ शुभ मुहूर्त 2026 पर, आज की घड़ियाँ चौघड़िया और राहु काल पर, और अपने शहर का पूरा पंचांग देखें।