🏠 गृह प्रवेश के लिए कौन सी तारीख शुभ है?
Griha Pravesh Muhurat • वास्तविक ग्रह-स्थितियों से गणना
गृह प्रवेश स्थिर नक्षत्र में करें — रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद या रेवती — शुभ तिथि पर; पंचक, भद्रा, अमावस्या, ग्रहण और गृहस्वामी का चंद्राष्टम पूर्णतः वर्जित। कलश लेकर दाहिना पैर पहले रखें; रसोई का पहला काम दूध उफानना।
आगामी शुभ तिथियाँ (अगले 60 दिन)
सामान्य पंचांग के अनुसार — आपकी व्यक्तिगत परत से पहले। नीचे राशि चुनें, ताकि जो दिन विशेषतः आपके लिए अनुकूल नहीं हैं वे हट जाएँ।
| तारीख | तिथि | नक्षत्र | तिथि समाप्ति |
|---|---|---|---|
| सोम, 26 अक्टू॰ | Shukla Purnima | Ashwini | 09:42 |
| बुध, 28 अक्टू॰ | Krishna Tritiya | Krittika | 01:08+1d |
| शुक्र, 30 अक्टू॰ | Krishna Panchami | Mrigashira | 19:26 |
| रवि, 1 नव॰ | Krishna Saptami | Pushya | 14:53 |
| गुरु, 5 नव॰ | Krishna Ekadashi | Uttara Phalguni | 10:37 |
| बुध, 11 नव॰ | Shukla Dwitiya | Anuradha | 15:55 |
| गुरु, 26 नव॰ | Krishna Dwitiya | Mrigashira | 13:16 |
| गुरु, 3 दिस॰ | Krishna Dashami | Uttara Phalguni | 23:05 |
🎯 इस कार्य के लिए आपकी व्यक्तिगत तिथियाँ
अपनी राशि (चंद्र राशि) चुनें — हम आपके चंद्राष्टम के दिन हटाकर शेष को क्रम देते हैं। राशि नहीं पता? अपनी राशि और नक्षत्र जानें →
यह मुहूर्त कैसे निकाला जाता है
प्रवेश तीन प्रकार का है: अपूर्व (नवनिर्मित घर में पहली बार) — सबसे कठोर नियम; सपूर्व (खरीदे/किराए के घर में) — मध्यम; और द्वंद्वाह (मरम्मत या लंबी अनुपस्थिति के बाद पुनःप्रवेश) — सबसे हल्का। नीचे की तिथियाँ कठोर नियमों से निकाली गई हैं, अतः तीनों के लिए सुरक्षित हैं। स्थिर नक्षत्र गृहस्थी की जड़ें जमाते हैं; पंचक में प्रवेश, छत और शय्या-स्थापना का निषेध पंचांग के सबसे प्रसिद्ध नियमों में है। अपूर्व प्रवेश चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी) में टाला जाता है।
प्रवेश के दिन: द्वार पर गणेश-पूजन, गृहिणी के हाथ में जल-कलश, शुभ चौघड़िया में दाहिना पैर देहरी के पार, और दूध उफनने तक उबालना — नई रसोई को समृद्धि की सूचना। साथ ही नीचे अपनी व्यक्तिगत पंक्ति देखें: सामान्यतः उत्तम दिखने वाली तारीख भी यदि आपका चंद्राष्टम है, तो वह आपकी तारीख नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या चातुर्मास में गृह प्रवेश हो सकता है?
अपूर्व (पहली बार) प्रवेश परंपरागत रूप से देवउठनी एकादशी तक टाला जाता है। किराए या रीसेल घर (सपूर्व) में कई परंपराएँ मज़बूत पंचांग-दिन पर चातुर्मास-प्रवेश की अनुमति देती हैं — हमारा "किराए के घर में शिफ्टिंग" पृष्ठ वही हल्के नियम बताता है।
तारीख किसकी राशि से जाँचें?
गृहस्वामी की — जिसके नाम घर है। सर्वोत्तम अभ्यास: पति-पत्नी दोनों की राशि देखें और ऐसा दिन चुनें जो किसी का चंद्राष्टम न हो।
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