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Vedic Astrology

👰 वधू-प्रवेश (विदाई के बाद पहला गृह-प्रवेश) का शुभ मुहूर्त कौन सा है?

Bride's Griha Pravesh Muhurat • वास्तविक ग्रह-स्थितियों से गणना

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वधू-प्रवेश — नववधू का नई देहरी पर पहला पग — गृह-प्रवेश के नियमों से, पर उसकी राशि से पढ़ा जाता है: स्थिर नक्षत्र, शुभ तिथि, पंचक-भद्रा नहीं, और उसका चंद्राष्टम कभी नहीं। द्वार पर चावल-भरा कलश दाहिने पैर से लुढ़काना ही मुहूर्त की मुहर है।

आगामी शुभ तिथियाँ (अगले 60 दिन)

सामान्य पंचांग के अनुसार — आपकी व्यक्तिगत परत से पहले। नीचे राशि चुनें, ताकि जो दिन विशेषतः आपके लिए अनुकूल नहीं हैं वे हट जाएँ।

तारीखतिथिनक्षत्रतिथि समाप्ति
शनि, 25 जुल॰Shukla EkadashiJyeshtha11:36
शनि, 8 अग॰Krishna DashamiRohini14:00
शुक्र, 14 अग॰Shukla DwitiyaPurva Phalguni18:48
शनि, 15 अग॰Shukla TritiyaUttara Phalguni17:30
सोम, 17 अग॰Shukla PanchamiChitra17:01
शनि, 22 अग॰Shukla DashamiJyeshtha02:02+1d
मंगल, 25 अग॰Shukla DwadashiUttara Ashadha06:22
मंगल, 22 सित॰Shukla EkadashiUttara Ashadha21:45

🎯 इस कार्य के लिए आपकी व्यक्तिगत तिथियाँ

अपनी राशि (चंद्र राशि) चुनें — हम आपके चंद्राष्टम के दिन हटाकर शेष को क्रम देते हैं। राशि नहीं पता? अपनी राशि और नक्षत्र जानें →

यह मुहूर्त कैसे निकाला जाता है

शास्त्रतः वधू-प्रवेश विवाह के बाद एक निश्चित अवधि में होता है, और विवाह-मुहूर्त ठीक चुना गया हो तो प्रवेश प्रायः स्वतः शुभ बैठता है। जब विदाई और आगमन को यात्रा अलग कर दे (जो अब आम है), प्रवेश का अपना मुहूर्त बनता है — और वह वर की नहीं, वधू की कुंडली से पढ़ा जाता है: घर उसका भाग्य ग्रहण कर रहा है।

स्थिर नक्षत्र (रोहिणी, तीनों उत्तरा) उसे नए कुल में जड़ें देते हैं; पंचक हर गृह-प्रवेश की तरह इसे भी स्थगित करता है। देहरी पर धान का कलश, दाहिने पैर से कोमलता से उलटा, और उसी पर पहला पग — परंपरा के सबसे प्रिय मुहूर्त-क्षणों में है; उसे शुभ चौघड़िया दें। दंपति अपने अलग नए घर में प्रवेश करें तो दोनों की राशि देखें, पर वधू के बली चंद्र-दिन को वरीयता — परंपरा का झुकाव वधू की ओर ही रहता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारात देर से लौटी और प्रवेश राहु काल में हुआ — क्या बिगड़ गया?

नहीं — राहु काल चुने हुए आरंभों पर लगता है; बारात जब पहुँचती है, तब पहुँचती है। जहाँ विकल्प हो वहाँ मिठाई बाँटते हुए काल बीतने दें; जहाँ न हो, वहाँ विवाह का मुहूर्त ही प्रवेश को धारण करता है — ऐसा माना गया है।

वधू-प्रवेश की तारीख किसकी राशि से देखें?

वधू की। नए घर में यह उसका पहला कर्म है — ग्रंथ प्रवेश को उसके चंद्रमा से पढ़ते हैं। उसका चंद्राष्टम और विपत्/नैधन तारा वाले दिन टालें।

Marriage & Relationships में और मुहूर्त

वर्ष की स्थिर सूचियाँ शुभ मुहूर्त 2026 पर, आज की घड़ियाँ चौघड़िया और राहु काल पर, और अपने शहर का पूरा पंचांग देखें।

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