💒 क्या हमारी शादी की तारीख शुभ है? हमारे लिए कौन सा विवाह मुहूर्त सही है?
Shubh Vivah Muhurat • वास्तविक ग्रह-स्थितियों से गणना
विवाह की तारीख को चाहिए: विवाह-नक्षत्र (रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद या रेवती), शुभ तिथि, चातुर्मास-होलाष्टक-श्राद्धपक्ष-खरमास से बाहर का दिन — और वह वर या वधू किसी के लिए चंद्राष्टम न हो। नीचे अपनी तारीख जाँचें।
आगामी शुभ तिथियाँ (अगले 60 दिन)
सामान्य पंचांग के अनुसार — आपकी व्यक्तिगत परत से पहले। नीचे राशि चुनें, ताकि जो दिन विशेषतः आपके लिए अनुकूल नहीं हैं वे हट जाएँ।
| तारीख | तिथि | नक्षत्र | तिथि समाप्ति |
|---|---|---|---|
| बुध, 9 सित॰ | Krishna Trayodashi | Ashlesha | 12:32 |
| रवि, 13 सित॰ | Shukla Dwitiya | Hasta | 07:10 |
| सोम, 14 सित॰ | Shukla Tritiya | Chitra | 07:08 |
| बुध, 16 सित॰ | Shukla Panchami | Vishakha | 09:01 |
| गुरु, 1 अक्टू॰ | Krishna Panchami | Rohini | 12:36 |
| सोम, 12 अक्टू॰ | Shukla Dwitiya | Swati | 22:14 |
| शुक्र, 30 अक्टू॰ | Krishna Panchami | Mrigashira | 19:26 |
| गुरु, 5 नव॰ | Krishna Ekadashi | Uttara Phalguni | 10:37 |
🎯 इस कार्य के लिए आपकी व्यक्तिगत तिथियाँ
अपनी राशि (चंद्र राशि) चुनें — हम आपके चंद्राष्टम के दिन हटाकर शेष को क्रम देते हैं। राशि नहीं पता? अपनी राशि और नक्षत्र जानें →
यह मुहूर्त कैसे निकाला जाता है
विवाह परंपरा का सबसे अधिक नियमों वाला मुहूर्त है, और पंचांग-स्तर की जाँच आरंभ है, अंत नहीं: पूर्ण विवाह-मुहूर्त वधू के लिए गुरु का बल, दोनों की मिलान-कुंडली और फेरों की लग्न भी तौलता है। इस पृष्ठ से छँटाई करें; अंतिम फेरा-लग्न अपने पुरोहित या दोनों कुंडलियों वाले ज्योतिषी से ही तय कराएँ।
निषिद्ध काल ठोस भार रखते हैं: चातुर्मास (देवशयनी से देवउठनी एकादशी), होलाष्टक (होली से पहले के आठ दिन), श्राद्धपक्ष, और खरमास (सूर्य के धनु व मीन मास — मध्य दिसंबर-जनवरी और मध्य मार्च-अप्रैल) — भारत की अधिकांश परंपराओं में विवाह इनमें नहीं होते। हमारे "शुभ मुहूर्त 2026" पृष्ठ पर वर्ष की सामान्य विवाह-तिथियाँ हैं; यह पृष्ठ उसमें जोड़े की परत जोड़ता है — वही "सर्वश्रेष्ठ" तारीख किसी एक साथी के आठवें भाव से चंद्रमा गुज़रने पर आप दोनों के लिए अयोग्य हो जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पंडितजी ने तारीख दे दी है — फिर यहाँ क्यों जाँचें?
इसे पंचांग-परत की क्रॉस-जाँच समझें: तिथि, नक्षत्र, निषिद्ध काल और दोनों का चंद्रबल। कहीं असहमति दिखे तो पुरोहितजी से वही बिंदु पूछें — अच्छे पुरोहित प्रश्न का स्वागत करते हैं; फेरों की लग्न अंततः उन्हीं का क्षेत्र है।
मूल नक्षत्र से लोग डरते हैं, फिर विवाह-सूची में क्यों है?
मूल वास्तव में शास्त्रीय विवाह-नक्षत्रों में गिना गया है (मुहूर्त चिंतामणि उसे सम्मिलित करता है), यद्यपि क्षेत्रीय परंपराएँ भिन्न हैं। आपका परिवार मूल टालता हो तो शेष दस नक्षत्र पर्याप्त तिथियाँ देते हैं।
Marriage & Relationships में और मुहूर्त
वर्ष की स्थिर सूचियाँ शुभ मुहूर्त 2026 पर, आज की घड़ियाँ चौघड़िया और राहु काल पर, और अपने शहर का पूरा पंचांग देखें।