📿 मंत्र साधना या जाप आरंभ करने के लिए कौन सा दिन शुभ है?
Auspicious Day to Start Mantra Sadhana, Jaap or Anushthan • वास्तविक ग्रह-स्थितियों से गणना
मंत्र-साधना पुष्य नक्षत्र में आरंभ करें — दीक्षा और प्रथम-आरंभ का शास्त्रीय नक्षत्र — या अनुराधा, श्रवण, मूल में; देवता के अपने वार पर (शिव-मंत्र सोमवार, गुरु गुरुवार, देवी शुक्रवार)। शुक्ल पक्ष का आरंभ श्रेष्ठ; ग्रहण-काल के अपने विशेष नियम हैं।
आगामी शुभ तिथियाँ (अगले 60 दिन)
सामान्य पंचांग के अनुसार — आपकी व्यक्तिगत परत से पहले। नीचे राशि चुनें, ताकि जो दिन विशेषतः आपके लिए अनुकूल नहीं हैं वे हट जाएँ।
| तारीख | तिथि | नक्षत्र | तिथि समाप्ति |
|---|---|---|---|
| सोम, 14 सित॰ | Shukla Tritiya | Chitra | 07:08 |
| गुरु, 17 सित॰ | Shukla Shashthi | Anuradha | 10:49 |
| सोम, 21 सित॰ | Shukla Dashami | Uttara Ashadha | 20:02 |
| सोम, 28 सित॰ | Krishna Dwitiya | Revati | 19:15 |
| गुरु, 1 अक्टू॰ | Krishna Panchami | Rohini | 12:36 |
| सोम, 5 अक्टू॰ | Krishna Dashami | Pushya | 02:09+1d |
| गुरु, 8 अक्टू॰ | Krishna Trayodashi | Purva Phalguni | 22:17 |
| सोम, 12 अक्टू॰ | Shukla Dwitiya | Swati | 22:14 |
🎯 इस कार्य के लिए आपकी व्यक्तिगत तिथियाँ
अपनी राशि (चंद्र राशि) चुनें — हम आपके चंद्राष्टम के दिन हटाकर शेष को क्रम देते हैं। राशि नहीं पता? अपनी राशि और नक्षत्र जानें →
यह मुहूर्त कैसे निकाला जाता है
साधना के आरंभ सांसारिक घड़ी से अलग चलते हैं: कई "वर्जित" दिन यहाँ पलट जाते हैं। अमावस्या कुछ देवी- और पितृ-साधनाओं के लिए उपयुक्त है; और ग्रहण-काल — हर सांसारिक कर्म के लिए निषिद्ध — प्राप्त मंत्र के जाप के लिए अनेक परंपराओं में सबसे शक्तिशाली खिड़की माना गया है, जो जप-फल कई गुना करता है।
पहली दीक्षा या स्वयं लिए संकल्प के लिए दिन के नियम ही रखें: खिड़की में आए तो पुष्य (वह हर महीने आता है), घड़ी ब्रह्म-मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 96 से 48 मिनट पहले), स्थिर आसन, स्थिर संख्या, मुख पूर्व या ईशान। व्यक्तिगत परत यहाँ भी सेवा करती है: 40-दिनी अनुष्ठान ऐसा उठाएँ कि उसका पहला दिन आपका चंद्राष्टम न हो — राशि चुनें, कैलेंडर स्वच्छ दिन दिखा देगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या ग्रहण-काल जाप के लिए सच में अच्छा है?
पहले से प्राप्त मंत्र के जाप के लिए हाँ — ग्रहण-जप का फल परंपरा में कई गुना कहा गया है, और वह ग्रहण में प्रोत्साहित गिने-चुने कर्मों में है। नई दीक्षा या प्रथम-आरंभ अलग बात है — वह दिन के सामान्य नियमों से ही हो।
दैनिक जाप के लिए दिन की कौन सी घड़ी श्रेष्ठ है?
ब्रह्म-मुहूर्त — सूर्योदय से पहले का अंतिम प्रहर — निर्विवाद शास्त्रीय उत्तर। जीवन उसे असंभव कर दे तो नियम से निभाई गई एक स्थिर घड़ी, कभी-कभार निभाई श्रेष्ठ घड़ी से ऊपर है।
Spiritual में और मुहूर्त
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